पेट्रोलॉजी क्या है ? इसमें किसका अध्ययन किया जाता है?


आज हम ऐसी शाखा के बारे में बात करने वाले हैं जिसका नाम तो आपने शायद सुना होगा पर ये किससे संबंधी है इसमें किसका अध्ययन किया जाता है ये शायद आपको पता नहीं हो इसीलिए हम ये पोस्ट लाये हैं ताकि आप समझ पाए की पेट्रोलॉजी क्या है (Petrology kya hai) और इसमें किसका अध्ययन किया जाता है?

पेट्रोलॉजी क्या है ? इसमें किसका अध्ययन किया जाता है?

पेट्रोलॉजी (petrology) को हिंदी में शैलविज्ञान या शेलिका कहते हैं। इसके नाम से ही पता चलता है कि इस शाखा में शिलाओं यानिकि चट्टानों का संबंध अध्ययन किया जाता है। चट्टानों की संरचना पर विश्लेषण करना, भौतिक-रासायनिक स्थितियों और भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं से जुड़ी चट्टानों की उत्पत्ति से संबंधित जानकारी जुटाना भी इस शाखा के अंतर्गत आता है । इस शाखा का मुख्य उद्देश्य पेट्रोग्राफिक, घटकों, विस्तृत रासायनिक संरचना और चट्टानों को बनाने वाले विभिन्न खनिजों का अध्ययन करना है। पेट्रोलॉजी भूविज्ञान की एक शाखा है जिसके तीन उपविभाग हैं: आग्नेय, कायांतरित और अवसादी पेट्रोलॉजी।

शैल किसे कहते है ?

पृथ्वी की वह सतह जो कठोर और सख्त होती है शेल कहलाती है, यह अनेक खनिज एवं लवणों लवणों का मिश्रण होती हैं। उत्पत्ति के आधार पर शैल को तीन भागो में बाटा गया है आग्नेय शैल, कायान्तरित शैल, अवसादी शैल।

आग्नेय शैल

वह जो चट्टाने गर्म हवा के कारण पिघली हुई चट्टानों के ठंडे होने के बाद ठोस हो जाती है आग्नेय चट्टाने कहलाती है। यह वो प्राचीनतम शैले हैं जो उत्तम बैसाल्ट और ग्रेनाइट का निर्माण करती है या उनके रूप में ही पाई जाती है।

कायान्तरित शैल

मेटामॉरफिक को हिंदी में कायान्तरित कहा जाता है। परतदार शैलो के रूप में बदलाव के कारण इस शेलो का निर्माण होता है। उदाहरण से यदि समझा जाए तो चूना पत्थर के कायांतरण से संगमरमर का निर्माण होता है।

अवसादी शैल

अवसादी शैल के मुख्य उदाहरण चूना पत्थर और बलुआ पत्थर है। इनके निर्माण का मुख्य कारण तलछट का जमाव होता है। सागरों एवं झीलों में जमाव के कारण इन बलुआ पत्थरो का निर्माण होता है।

पेट्रोलॉजी की विशेषताएं

पेट्रोलोजी में समस्त चट्टानों का अध्ययन किया जाता है साथ ही खनिज और मिटटी से संबंधी जानकारियां भी इसी के अंतर्गत जुटाई जाती है। पेट्रोग्राफिक के अध्ययन हैं हर किसी प्रकार की चट्टानों के दृश्य शब्दों में भौतिक विवरण को संबोधित करते हैं। ऐसा करने के लिए, विशेषज्ञ ध्रुवीकृत प्रकाश माइक्रोस्कोपी का प्रयोग करते है। अब आप अच्छे से समझ गये होंगे कि पेट्रोलॉजी में किसका अध्ययन किया जाया है। (Petrology kiska adhyayan hai)

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