हिमालय में कौनसी संधि है?


इस पर बात करने से पहले हम आपको बताएंगे कि संधि क्या होता है? जब दो शब्द मिलते हैं तो पहले शब्द की अंतिम ध्वनि और दूसरे शब्द की पहली ध्वनि आपस में मिलकर जो परिवर्तन लाते हैं उसे संधि कहते हैं। अगर इसे दूसरे शब्द में बताया जाए तो जब दो शब्द आपस में मिलकर कोई तीसरा शब्द बनाते हैं तब जो परिवर्तन होता है उसे संधि कहते हैं। आइये आपको बताते हैं कि हिमालय में कौनसी संधि है?

हिमालय में कौनसी संधि है?

‘हिमालय’ में दीर्घ स्वर संधि का प्रयोग किया गया है। ‘हिमालय’ का अर्थ पर्वत शृंखला होता है। इसका संधि विच्छेद ‘हिम + आलय’ होता है। दीर्घ अ, आ, इ, ई, उ, ऊ और ऋ के बाद ह्रस्व या दीर्घ अ, आ, इ, ई, उ, ऊ और ऋ स्वर आ जाएँ तो दोनों मिलकर दीर्घ आ, ई, ऊ और ऋ हो जाते हैं। इस मेल से बनने वाली संधि को दीर्घ स्वर संधि कहते हैं। इसके उदाहरण ‘देव + आलय = देवालय’, ‘देव + आगमन = देवगमन’ आदि हैं।

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