मनीषा में कौनसी संधि है?


जब दो शब्द मिलते हैं तो पहले शब्द की अंतिम ध्वनि और दूसरे शब्द की पहली ध्वनि आपस में मिलकर जो परिवर्तन लाते हैं उसे संधि कहते हैं। अगर इसे दूसरे शब्द में बताया जाए तो जब दो शब्द आपस में मिलकर कोई तीसरा शब्द बनाते हैं तब जो परिवर्तन होता है उसे संधि कहते हैं। आज हम जानेंगे की ‘मनीषा’ में कौनसी संधि है?

‘मनीषा’ में कौनसी संधि है?

‘मनीषा’ शब्द में व्यंजन संधि का प्रयोग किया गया है। ‘मनीषा’ शब्द का अर्थ बुद्धि, इच्छा, विश, मन की देवी आदि होता है।किसी व्यंजन का व्यंजन या स्वर से मेल होने पर जो परिवर्तन होता है उसे व्यंजन संधि कहते हैं। इसे संस्कृत में हल् भी कहा जाता है। इसे हल् इसलिए कहा जाता है क्योंकि माहेश्वर सूत्र में आए ह से लेकर ल् के बीच के वर्णों से सम्बन्धित है। उदाहरण के तौर पर सत् + आचार = सदाचार ।

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