सोते समय किस भगवान का नाम लेना चाहिए


भगवान की भक्ति करने से तथा इनके नाम का जाप करने से जीवन में आ रही समस्याओं का अंत हो सकता है तथा बुरी शक्तियों से बचा जा सकता है। हिन्दू धर्म के कई देवी-देवता मौजूद है, जिनकी प्रतिदिन आराधना की जाती है तथा घरो तथा मंदिरों में उनकी पूजा की जाती है। हिन्दू धर्म संसार का सबसे प्राचीन धर्म है जिसमें मूर्ति पूजा की जाती है तथा प्रकृति की हर चीज जैसे नदी, पेड़-पोधो को भी पूजा जाता है। बहुत से लोगों के मन में यह सवाल आता है कि सोते समय किस भगवान का नाम लेना चाहिए? अगर आपके मन में भी यह प्रश्न आता हैं तो इस लेख को अंत जरुर पढ़ें।

सोते समय किस भगवान का नाम लेना चाहिए

पुरे दिन की भाग दोड़ के बाद व्यक्ति जब रात को सोने के लिए जाता है तब अगर वह भगवान का नाम लें तो अगला दिन उसके लिए शुभ हो सकता है। हिन्दू धर्म के किसी भी ग्रन्थ में रात को सोते समय किस भगवान का नाम लेना चाहिए इसका वर्णन नहीं मिलता है। इसीलिए अगर आप सोने से पहले भगवान का नाम लेना चाहते हैं तो अपने ईष्ट देव का नाम लें सकते हैं। ईष्ट देव उस भगवान को कहते हैं जिसे व्यक्ति सबसे ज्यादा मानता है। हर किसी के ईष्ट देव अलग-अलग हो सकते हैं। जैसे कोई कृष्ण को ज्यादा मानता है, कोई राम भगवान को तो कोई शिव को। इसके अलावा भी कई भगवान लोगों के ईष्ट देव हो सकते हैं। अगर आप रात को सोते समय किसी भगवान का नाम लेना चाहते हैं तो अपने ईष्ट देव का नाम लेना आपके लिए लाभकारी हो सकता है।

सुबह उठकर कौन सा मंत्र बोलना चाहिए?

सुबह उठ कर ऊं कराग्रे वसते लक्ष्‍मी: करमध्‍ये सरस्‍वती मन्त्र का जाप करना चाहिए, यदि आपको यह मन्त्र पूरा जानना है तो इस लेख को आगे तक जरुर पढ़े।

“ऊं कराग्रे वसते लक्ष्‍मी: करमध्‍ये सरस्‍वती। करमूले च गोविंद: प्रभाते कुरुदर्शनम्।। “

इसका अर्थ है कि ‘हथेली के सबसे आगे के भाग में लक्ष्मीजी, बीच के भाग में सरस्वतीजी तथा मूल भाग में ब्रह्माजी निवास करते हैं।” इसलिए सुबह दोनों हथेलियों के दर्शन करना चाहिए, ऐसा करने से पूरा दिन अच्छे से व्यतीत होता है।

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