भगवान का मुख किस दिशा में होना चाहिए?


भगवान की पूजा करते समय उनके मुख की दिशा बहुत महत्व रखती है, यदि हम भगवान के मुख की दिशा वास्तु के अनुसार नही रखेंगे तो नकारात्मक ऊर्जा हमारे आप पास ही रहेगी और हम यह बिलकुल भी शुभ नही होता है। हम प्रतिदिन भगवान की पूजा करते है और यदि वह वास्तु के हिसाब से ना हो तो हमे उसके उचित परिणाम नही मिलते है। इसलिए हमे इस बात का ध्यान रखना चाहिए की हमारे घर में स्थापित भगवान का मुख वस्तु के अनुसार हो, तो आइये जानते है कि भगवान का मुख किस दिशा में होना चाहिए?

भगवान का मुख किस दिशा में होना चाहिए?

मंदिर की दिशा ईशान कोण अर्थात उत्तर- पूर्व में होनी चाहिए, जब हम पूजा करे तब हमारा मुख पूर्व या पश्चिम दिशा में हो सकता है एवं भगवान का मुख पूर्व और पश्चिम दिशा है तो यह ज्यादा उचित होता है। सही दिशा में मुख कर पूजा करने से आपके द्वारा की जा रही पूजा का महत्व बड़ जाता है। बुरी शक्तिया आपको परेशां नही करती है और आप अप्रिय घटनाओं से बचे रहते है। हर किसी को वास्तु के अनुसार पूजा पाठ करना चाहिए, एक समर्द्ध और सफल जीवन के लिए भगवान की आराधना करना बहुत ही जरुरी है इससे मन शांत रहता है घर में भक्तिमय वातावरण बना रहता है।

मंदिर बनाते समय इन बातों का ध्यान रखें

  • भगवान का मुख पूर्व या पश्चिम दिशा हो इस बात का ध्यान रहे।
  • मंदिर के आप पास अँधेरा ना रहे।
  • शोचालय के आसपास मंदिर ना बनाए।
  • मंदिर की जगह साफ़ सफाई आसानी से हो सके और कचरा इकट्ठा न हो पाए।
  • यदि हो सके तो मंदिर ऐसी जगह पर हो जहा सूर्य की किरणे पहुचती हो।

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