गरीबी हर देश की समस्या है इसे हटाने के लिए सरकारे बहुत कोशिश करती है परन्तु जब तक यह प्रयास सफल नही हो सकते है जब तब की देश का हर एक नागरिक इसको हटाने का प्रयास नही करेगा। अपने अपने स्तर पर हर कोई गरीबी से लड़ सकता है। गरीबी का मुख्य कारण आशिक्षा और आलस होता है क्योकि एक अशिक्षित और आलसी व्यक्ति नोकरी नही कर सकता है जिससे गरीबी बढती है। गरीबी के खिलाफ गरीबी हटाओ का नारा भी दिया गया है। आज हम जानेंगे कि गरीबी हटाओ का नारा किसने दिया था? (Garibi Hatao Ka Nara Kisne Diya)
गरीबी हटाओ का नारा किसने दिया था? (Garibi Hatao Ka Nara Kisne Diya)
गरीबी को हटाने के लिए इंदिरा गाँधी ने नारा दिया था गरीबी हटाओ देश बचाओ। यह नारा 1971 में दिया गया था जब देश में आम चुनाव चल रहे थें। पंचवर्षीय योजना में इस नारे का उपयोग किया गया था। इंदिरा के बाद उनक बेटे ने भी अपने कार्यकाल में इस नारे का उपयोग किया था।
भारत में गरीबी
विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार 2010 में भारत के 32.7% लोग प्रतिदिन 1.25$ की अंतर्राष्ट्रीय ग़रीबी रेखा के नीचे हैं तथा 68.7% लोग प्रतिदिन 2$ से कम में गुज़ारा करते हैं। भारत देश में गरीबी धीरे धीरे घट रही है । हमारे देश की 37 प्रतिशत जनसंख्या ग़रीबी रेखा के नीचे आती है। सरकार के द्वारा गरीबी को खत्म करने के काफी प्रयास किये जा रहे हैं पर तेजी से बढती जनसंख्या गरीबी को खत्म करने में समस्या उत्पन्न करती है।
गरीबी के कारण
गरीबी बढ़ने के कारण निम्नानुसार है :-
- अशिक्षा
- बढ़ती महंगाई
- भ्रष्टाचार
- सामजिक प्रथाएं जैसे दहेज, मृत्यु भोज आदि
- बढ़ती जनसंख्या
- नशे की लत
समाधान
- भ्रष्टाचार की खत्म करना तक गरीब परिवार को सरकारी योजना का पूर्ण लाभ मिल सके।
- जनसंख्या वृद्धि को रोकने के प्रयास करना।
- अनावश्यक प्रथाओ को बढावा ना देना।
- रोजगार के अवसर पैदा करना।
- शिक्षा के क्षेत्र को मजबूत करना एवं लोगो को जागरूक करना।
इस आर्टिकल में आपने जाना की गरीबी हटाओ का नारा किसने दिया था? (Garibi Hatao Ka Nara Kisne Diya) एवं गरीबी के मुख्य कारण क्या है?
कुछ और महत्वपूर्ण लेख –