कम्प्यूटर के कितने मुख्य भाग होते हैं?


आज के युग में कम्प्यूटर का उपयोग हर दफ्तर, स्कूल, कॉलेज, दुकान आदि जगह होता है। अगर आपको कम्प्यूटर चलाते आता है तो हो सकता है कि आपके लिए कई नौकरियों के द्वार खुल जाएं। कम्प्यूटर के बिना शायद ही आप कोई नौकरी पा सकते हैं क्योंकि आजकल हर जगह कम्प्यूटर का ही उपयोग होता है। कम्प्यूटर हर काम को सरल बनाता है तथा मानव जीवन के लिए यह बहुत उपयोगी साबित हुआ है। आज हम जानेंगे की कम्यूटर के कितने मुख्य भाग होते हैं ?

कम्यूटर के कितने मुख्य भाग होते हैं ?

कम्प्यूटर एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो यूजर से इनपुट ले कर डाटा में प्रकिया करके यूजर को रिजल्ट देता है। कम्प्यूटर के मुख्य रूप से 5 भाग हैं :-

1. इनपुट-आउटपुट डिवाइस (Input-Output Device)

जो डिवाइस कम्प्यूटर को इनपुट देने में मदद करता है ताकि वह डाटा को प्रोसेस कर सके वह इनपुट डिवाइस कहलाते हैं। इनपुट डिवाइस जो यूजर से इनपुट लेते हैं उनमे माउस, कीबोर्ड, माइक्रोफोन, डिजिटल कैमरा, जॉय स्टिक, स्कैनर, टचपैड, वेब कैमरा, ग्राफ़िक टेबलेट आदि आते हैं।

आउटपुट डिवाइस कंप्यूटर में प्रोसेस किये डाटा को यूजर तक पहुंचने में मदद करते हैं। आउटपुट डिवाइस में मॉनिटर, प्रिंटर, स्पीकर, हेडफोन, वीडियो कार्ड्स, सीडी, डीवीडी, प्रोजेक्टर आदि आते हैं।

इस प्रकार इनपुट-आउटपुट डिवाइस की भूमिका कम्प्यूटर में अलग-अलग है परन्तु यह कम्प्यूटर को काम करने के लिए समर्थ बनाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

2. सिस्टम यूनिट (System Unit)

सिस्टम यूनिट को कम्प्यूटर का दिमाग कहा जाता है। इसमें मुख्य भाग मदरबोर्ड, रैम और प्रोसेसर सिस्टम यूनिट होता है जो इसको सिस्टम यूनिट को पूरा करता है। सिस्टम यूनिट को “सिस्टम कैबिनेट” भी कहा जाता है।

सिस्टम कैबिनेट के अंदर इसके मुख्य भागों के अलावा डीवीडी ड्राइव, हार्ड डिस्क, फ्लॉपी डिस्क और एसएमपीएस आदि शामिल होते हैं जो मिलकर पूरा कम्प्यूटर बनाते हैं। इन सारे भागों के बिना कम्प्यूटर काम नहीं कर सकता। विशेष तौर पर मदरबोर्ड का कम्प्यूटर में मुख्य काम होता है। मदरबोर्ड को सिस्टम बोर्ड और मुख्य बोर्ड भी कहा जाता है। एसएमपीएस भी सिस्टम यूनिट में बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ऐसा डिवाइस है जो सिस्टम यूनिट के मदरबोर्ड में सही मात्रा में इलेक्ट्रिसिटी पहुंचाता है।

3. कम्प्यूटर मेमोरी (Computer Memory)

कम्प्यूटर मेमोरी का उपयोग डाटा संग्रहित करने के लिए किया जाता हैं। मेमोरी में डाटा को इसलिए संग्रहित किया जाता है ताकि जरूरत पड़ने पर फिर से उपयोग किया जा सके। कम्प्यूटर मेमोरी दो प्रकार की होती है :-

रैम (RAM) : रैम एक ऐसी मेमोरी है जो आपका डाटा तभी तक रखती है जब तक की आप कम्प्यूटर पर काम कर रहे हैं। काम करने के बाद कम्प्यूटर बंद होने पर इसमें काम किया सारा डाटा नष्ट हो जाता है। इसका पूरा मतलब रैंडम एक्सेस मेमोरी (Random Access Memory) होता है।

रौम (ROM) : रौम में जो भी डाटा जाता है उसे सिर्फ पढ़ा जा सकता है। रैम में किए गए काम को रौम में संग्रहित किया जाता है। इसमें जो भी जानकारी डाली जाती उसमें परिवर्तन नहीं किया जा सकता। इसका मतलब रीड ओनली मेमोरी (Read Only Memory) होता है।

4. स्टोरेज यूनिट (Storage Unit)

स्टोरेज यूनिट में कई चीजें आती है जैसे की डीवीडी, पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क आदि। इसमें सहेजी गयी जानकारी हम बाद में देख सकते हैं साथ ही उमसे परिवर्तन भी कर सकते हैं। स्टोरेज यूनिट को जानकारी सहेजने के लिए उपयोग में लिया जाता है।

स्टोरेज यूनिट को स्टोरेज मीडिया या डिजिटल स्टोरेज के नाम से भी जाना जाता है। स्टोरेज यूनिट भी दो प्रकार की होती है। पहली स्टोरेज यूनिट को प्राइमरी स्टोरेज यूनिट (Primary Storage Unit) कहा जाता है और दूसरी स्टोरेज यूनिट को सेकेंडरी स्टोरेज यूनिट (Secondary Storage Unit) कहा जाता है।

5. संचार

कम्प्यूटर को इंटरनेट या दूसरे कम्प्यूटर से जोड़ने के लिए संचार का उपयोग किया जाता है। संचार में वाईफाई रिसीवर, मॉडेम आदि आते हैं।

आशा करता हु अप अच्छे से समझ गये होंगे की कम्प्यूटर के कितने मुख्य भाग होते हैं और कंप्यूटर से जुडी जानकारी भी आपको यहा मिल गयी है।

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