आज आप जानेंगे कि मतदाता सूची क्या है तथा इसके उपयोग क्या-क्या है? और इसका निर्माण कौन करता है?
मतदाता सूची क्या है?
मतदाता सूची (Voter List) एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है जिसमें एक देश, राज्य या क्षेत्र में पंचायत, नगर पालिका, नगर निगम या लोकसभा चुनावों के लिए उपयोग होने वाले मतदाताओं की सूची होती है। यह सूची आमतौर पर राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (National Register of Citizens) या निर्वाचन आयोग (Election Commission) द्वारा तैयार की जाती है। इसमें मतदाताओं के नाम, पता, उम्र और अन्य संबंधित जानकारी शामिल होती है।
ज्ञानग्रंथ का WhatsApp Channel ज्वाइन करिये!मतदाता सूची का महत्वपूर्ण कार्य मतदाताओं की पहचान और वोट देने की योग्यता की जांच करना है। यह सुनिश्चित करता है कि केवल योग्य और पंजीकृत मतदाता ही चुनाव में भाग ले सकते हैं। मतदाता सूची की तैयारी नियमित रूप से होती है और इसमें नए मतदाताओं को जोड़ा जाता है और वे मतदाताएं जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जिनकी योग्यता पर संदेह है, सूची से हटा दिया जाता है।
मतदाता सूची का निर्माण
मतदाता सूची का निर्माण एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें कई चरण होते हैं। सबसे पहले एक नागरिकता रजिस्टर तैयार किया जाता है जिसमें देश के नागरिकों की सूची होती है। इसके बाद निर्वाचन आयोग या संबंधित संस्था मतदाताओं का नामांकन करती है और उनकी योग्यता की जांच करती है। इसके बाद स्थानीय स्तर पर मतदाता सूची तैयार की जाती है जिसमें पंचायत, नगर पालिका या नगर निगम के वार्डों के अनुसार मतदाताओं की जानकारी शामिल होती है। इसमें मतदाताओं के नाम, पता, उम्र, लिंग आदि जानकारी शामिल होती है।
मतदाता सूची का उपयोग कई तरह से होता है। पहले तो यह चुनाव आयोग को योग्य मतदाताओं को पहचानने में मदद करती है। इसके बाद यह आम नागरिकों को उनके मतदाता पहचान पत्र के लिए आवेदन करने में सहायता प्रदान करती है। इसके अलावा यह राजनीतिक दलों को चुनाव अभियान के दौरान मतदाताओं को संपर्क करने और उन्हें अपनी राजनीतिक पार्टी के लिए वोट देने के लिए आग्रह करने में मदद करती है।
मतदाता के कार्य
मतदाता का कार्य अच्छे और योग्य नेता का चुनाव करना होता है जो देश को विकसति कर सकें और नागरिको की हर समस्या का समाधान कर सकें। मतदाता को जाति भेद करें बिना अपना प्रतिनिधि चुनना चाहिए ताकि देश को योग्य प्रतिनिथि मिल सके। मतदान के दिन को छुट्टी का दिन नहीं समझना चाहिए इस दिन लाइन में लग कर एक अच्छे प्रतिनिधि को चुनने के अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए।
FAQs
मतदाता वोट देने वाले को कहते हैं और उम्मीदवार पार्टी द्वारा चुना जाता है जिसे मतदाता वोट देते हैं।
वोट का विलोम शब्द अस्वीकार करना होता है।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता पहचान पत्र जारी होता है।
आवेदक की उम्र १८ वर्ष से अधिक होने पर ही वोटर आईडी बनाई जा सकती है।
128.99 करोड़ लोगों के पास आधार कार्ड है।
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