पद्मावत में किस द्वीप का उललेख हुआ है?


क्या आप जानना चाहते है कि पद्मावत में किस द्वीप का उललेख हुआ है तो इस लेख को अंत तक जरुर पढ़ियेगा।

पद्मावत में किस द्वीप का उललेख हुआ है?

पद्मावत एक महाकाव्य है जिसमे सूफी परम्परा का वर्णन भी है। इस महाकाव्य की रचना मलिक मोहम्मद जायसी ने की थी यह अवधि भाषा में रचित काव्य है। जायसी ने सन 1540 यानिकी 947 हिजरी में इस महाकाव्य की रचना की थी, मालिक मोहम्मद का जन्म 906 हिजरी में हुआ था। पद्मावत में सिंहल द्वीप का उललेख हुआ है यह भारत के दक्षिण में स्थित है तथा इस द्वीप पर अत्यधिक सिंह पाए जाते थे जिस कारण इसका नाम सिंहल पड़ा था। इस काव्य में रतनसेन और नायिका पद्मिनी की प्रेमकथा को वर्णित किया है। राजा रतनसिंह चित्तोड़ का सम्राट था तथा पद्मावती उनकी रानी थी जो अपनी सुन्दरता के कारण प्रसिद्द थी। रानी पद्मावती की सुन्दरता के चर्चे सुन कर अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तोड़ पर आक्रमण कर दिया और इस युद्ध में उसकी विजय भी हुई परन्तु जब तक रानी पद्मावती में सति प्रथा का पालन करते हुए अनेक महिलाओ के साथ खुद को अग्नि के हवाले कर दिया और खिलजी को उन्हें देखने का सपना सपना ही रह गया।

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