दालचीनी की तासीर गर्म होती है या ठंडी?


आपने दालचीनी का नाम तो सुना ही होगा यह एक प्रसिद्ध मसाला है। इस लेख में आप जानेंगे की दालचीनी की तासीर गर्म होती है या ठंडी और साथ ही दालचीनी के फायदे तथा नुकसान के बारें में भी जानकारी दी गयी है।

दालचीनी

यह एक सदाबहार पेड़ है जिसकी ऊंचाई 10 से 15 फीट तक हो सकती है। इस पेड़ की छाल मसालों के रूप में प्रयोग की जाती है। इस पेड़ से प्राप्त तेल का इस्तेमाल मच्छरों को भगाने के लिए उपयोग किया जाता आ रहा है। दालचीनी को इंग्लिश में ‘Cinnamon’ कहा जाता है। यह बहुत ही पुराना मसाला है जिसका उपयोग भारत तथा श्री लंका में हजारो वर्षो से किया जाता आ रहा है।

दालचीनी की तासीर गर्म होती है या ठंडी?

दालचीनी की तासीर गर्म होती है। दालचीनी की छाल अधिक पतली, पीली, और अत्सुयधिक सुगन्धित होती है तथा यह भूरे रंग की मुलायम, और चिकनी होती है।

दालचीनी के फायदे (Cinnamon Benefits

दालचीनी के अनेक फायदे हैं, यह आयुर्वेद की दृष्टि से भी बहुत महत्व रखती है इससे चरम रोग, पाचन तंत्र की समस्या, दस्त, सर दर्द आदि में राहत देने वाला पेड़ बताया गया है।

दालचीनी के नुकसान (Side Effects of Dalchini

दालचीनी की अधिक मात्रा पेट और सर में दर्द उत्पन्न कर सकती हैं तथा यह गर्भवती महिला के लिए दालचीनी बहुत ही नुकसानदेह पेड़ माना जाता है।

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