हीरा का अपवर्तनांक कितना होता है?


नमस्कार दोस्तों आज के इस लेख में हम जानेंगे की अपवर्तन क्या होता है? साथ ही अपवर्तन की परिभाषा, नियम और हीरा का अपवर्तनांक कितना होता है? यह भी जानेंगे।

अपवर्तन क्या होता है?

जब कोई तरंग या प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में पहुचती है तब उसकी दिशा में जो परिवर्तन होता है उस अपवर्तन (Refraction) कहते हैं। प्रकाश जब एक माध्यम से दूसरे माध्यम में तिरछा होकर जाता है तो तो दूसरे माध्यम से इसके गमन की दिशा बदल जाती है इसे ही अपवर्तन कहते है। अपवर्तन का कारण यह है कि प्रकाश अलग अलग माध्यमों में अलग अलग गति से विचलन करता है। एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करने पर प्रकाश की गति में बदलाव के कारण अपवर्तन होता है।

अपवर्तन के नियम  

अपवर्तन के दो नियम होते हैं

(1) आपतित किरण, अपवर्तित किरण तथा दोनों माध्यमों को अलग करने वाले तल पर आपतन बिन्दु पर अभिलम्ब, तीनों एक ही तल में होते हैं।

(2) जब एक माध्यम से दूसरे माध्यम की सीमा पर आने वाली आपतित किरण अपवर्तित हो जाती है, तो किसी दिए गए तरंग दैर्ध्य के लिए आपतन कोण की ज्या का अनुपात अपवर्तन कोण r की ज्या का अनुपात हमेशा ही स्थिर रहता है।

हीरा का अपवर्तनांक कितना होता है?

हीरे का अधिकतम अपवर्तनांक 2.418 होता है।

अपवर्तन का उदाहरण

जब एक पेंसिल को पानी के ग्लास में आधा डुबाया जाता है, तो पेंसिल टेढ़ा दिखाई देता है। ऐसा प्रकाश के अपवर्तन के कारण ही होता है।

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