गन्ने की तासीर ठंडी होती है या गर्म


गन्ने को तो हर कोई जानता है यह विश्व में हर जगह उपयोग किया जाने वाली फसल है। गन्ना अपनी मिठास के लिए पहचाना जाता है इससे गुड़, शक्कर आदि का निर्माण होता है। भारत गन्ने की खेती में विश्व में दुसरे नंबर पर आता है और साथ ही गन्ना आर्थिक रूप से भारत में कई रोजगार भी पैदा करता है। इसे बसंत कालीन फरवरी-मार्च में लगाना चाहिए। आपको जानकर हेरानी होगी की गन्ने में  कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम, फास्फोरस, लोहा, जस्ता, पोटेशियम और विटामिन ए, बी-कॉम्प्लेक्स और विटामिन सी भी पाया जाता है। गन्ने के जूस को भारत में काफी पसंद किया जाता है यह भारत का पसंदीदा पेय है। आगे आप जानेंगे कि गन्ने की तासीर ठंडी होती है या गर्म और साथ ही गन्ने के फायदे तथा नुकसान के बारे में भी जानेंगे।

गन्ने की तासीर ठंडी होती है या गर्म

गन्ने की तासीर ठंडी होती है इसके जूस से हमारे शरीर को एनर्जी भी मिलती है। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, फास्फोरस, प्रोटीन आदि पाए जाते हैं।

गन्ने के फायदे और नुकसान

गन्ने से मूत्र पथ संक्रमण से राहत मिलती है, यह कैंसर की रोकथाम करता है, मुँहासे से ग्रस्त लोगो को राहत दिलाता है, मधुमेह को नियंत्रित करता है, पीलिया के उपचार में सहयोगी, एनर्जी देता है, स्किन के लिए फायदेमंद, हड्डी और दांत के लिए फायदेमंद है।

अधिक गन्ने के सेवन से शरीर में शुगर लेवल बड़ जाता है और गर्म गन्ने का जूस शरीर की आँतों पर बुरा असर डालता है।

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