उपले और लकड़ी का उपयोग कम क्यों हुआ है?


आइये जानते हैं कि उपले और लकड़ी का उपयोग कम क्यों हुआ है।

उपले और लकड़ी का उपयोग कम क्यों हुआ है?

उपले तथा लकड़ी का खास कर उपयोग गावों में चूल्हे को जलाने में किया जाता है पर कुछ दिनों से उपले तथा लकड़ी के उपयोग में कमी देखी गयी है इसका मुख्य कारण यह है कि अब शहरो के साथ साथ गाँवों में भी रसोई गैस का उपयोग किया जाने लगा है जिससे उपले तथा लकड़ियों की मांग में कमी आई है। पहले के समय में रसोई गैस केवल शहरो में ही सम्भव थी पर जैसे जैसे गाँव और शहर में आपस में जुड़ने लगे हैं और प्रयुक्त संसाधनो की भी पूर्ति हुई है जैसे पक्की सड़के, वाहन और कार्य करने वाले कर्मचारी आदि। लकड़ी तथा उपले वायु प्रदुषण भी करते हैं तथा इनसे निकलने वाला धुँआ फेफड़ो को संक्रमित करता है जिससे सांस सम्बन्धित बीमारी होने की अत्यधिक सम्भावना रहती है इन सब बातो का ध्यान रखते हुए सरकार ने गावो तक रसोई गैस पहुचाने का निर्णय लिया है और गरीब परिवारों को उज्ज्वला योजना के तहत फ्री गैस कनेक्शन दिए जा रहे हैं।

उपले और लकड़ी के उपयोग को कम करने के लिए सरकार के इस फैसले का हर किसी ने स्वागत किया है। गावं तक रसोई गैस का पहुचना ही उपले तथा लकडियो के उपयोग में आई कमी का मुख्य कारण है। एक रिपोर्ट के अनुसार हर वर्ष 38 लाख से ज्यादा मौतें, असंक्रामक रोगों जिसमे मुख्य दिल का दौरा पड़ने, स्कीमिक हर्ट डिजीज, फेफड़ों में दीर्घकालिक अवरोध पैदा करने वाली बीमारियों, फेफड़े के कैंसर का कारण घरों के भीतर होने वाला वायु प्रदूषण है।

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