ग्रीन हाउस प्रभाव क्या है ?


मानव हमेशा से ही स्वार्थी रहा है अपने हितो के लिए प्रकृति को नुकसान पहुँचाता आ रहा है। प्रकृति को सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है वरना हमारी आने वाली पीडियो और हमारे भविष्य को इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा। ऐसे ही ग्रीन हाउस प्रभाव में वृद्धि भी इस धरती को बहुत नुकसान पहुंचा रहा है। तो आइये जानते है की ग्रीन हाउस प्रभाव क्या है ?

ग्रीन हाउस प्रभाव क्या है ?

पृथ्वी पर जीवन का कारण तापमान भी है धरती पर कुछ ऐसी ग्रीन हाउस जैसे है जो सूर्य से आने वाली किरणों को वायुमंडल में रोकने में सक्षम होती है आसान भाषा में कहा जाए तो ग्रीनहाउस प्रभाव एक ऐसी प्रोसेस है जिसमे सूर्य प्रकाश में उपस्थित विकिरण पृथ्वी के वातावरण में आकर रुक जाते हैं और ये ग्रीनहाउस गैसों के तापमान में वृद्धि कर देते है।
वाहनों में जीवाश्म ईंधनों के जलने से उत्पन्न धुआँ,वनों का विनाश,औद्योगिकीकरण,नगरीकरण,उपभोक्तावादी संस्कृति मुख्यतः ग्रीन हाउस गेसो में वृद्धि के कारण है।

ग्रीन हाउस गैस क्या हैं

उन गेसो का मिश्रण जो वायुमंडल में गर्मी को रोकने का काम करती है ग्रीन हाउस गैस कहलाती है। ग्रीन हाउस प्रभाव का मुख्य कारण ही ग्रीन हाउस गैसे है पर प्रतिदिन ग्रीन हाउस गेसो में वृद्धि हो रही है जिस कारण धरती का तापमान बढ़ता जा रहा है गक्लेशियर पिघल रहे है समुद्र में अनावश्यक पानी की वृद्धि हो रही है। वातावरण में बढ़ती इन ग्रीन हाउस गेसो को संतुलित करने की बाहर जरूरत है।

ग्रीन हाउस गैस कौन कौन सी है?

  • जलवाष्प (Vapour H2O)
  • कार्बन डाइऑक्साइड (CO2)
  • मीथेन (CH4)
  • Ozone (O3)
  • नाइट्रस ऑक्साइड (N2O)
  • नाइट्रोजन ट्राईफ्लोराइड  (NF3)

ग्रीनहाउस प्रभाव के फायदे और नुकसान

धरती पर संतुलित तापमान बनाए रखना और पेड़ पोधो के लिए लिए ग्रीन हाउस जरूरी है। सूर्य से आणि वाली हानिकारक किरणों से भी ये गैसे रक्षा करती है। ऊर्जा के रूप में इन गेसो का उपयोग किया जाता है। ग्रीनहाउस प्रभाव के नुक्सान यह है की इसमें वृद्धि होने पर मौसम पर गहरा प्रभाव पड़ता है। इस प्रभाव का असर अर्थव्यवस्था में भी दिखाई देता है ज़बरदस्त होगा. तापमान के बढ़ने से दुनिया के वैश्विक उत्पादन में 2-3 प्रतिशत की कमी आ सकती है।

कुछ और महत्वपूर्ण लेख –

0Shares

Leave a Comment