छाता को संस्कृत में क्या कहते हैं?


आज हम आपको बताएँगे कि छाता को संस्कृत में क्या कहते हैं? छाता या छतरी बारिश में सबसे ज्यादा उपयोग की जाती है इसका नाम छत के नाम पर रखा गया है क्योकि यह एक छत की तरह हमे बारिश से बचाती है। यह कई रंगो और आकार में पाई जाती है और उसी के आधार पर इसका उपयोग किया जाता है छोटे छाते बारिश या धुप से बचाते हैं और बड़े छाते रास्ते पर सामान बेचने वालो के द्वारा उपयोग किया जाता है जो उनके धुप आदि से बचाता है। यह कई रंग में भी उपलब्ध होते हैं जिन्हें आसानी से बाज़ार से ख़रीदा जा सकता है, इन्हें कारखानों में बनाया जाता है।

छाता को संस्कृत में क्या कहते हैं?

छाते को संस्कृत में छत्रम् कहते हैं। छाते का महत्व बारिश के आ जाने पर ही समझ आता है यह हमे भीगने से बचाता है और यदि यह ना हो और हमे किसी जगह जल्दी जाना हो और बरीश हो जाए तब हमे छाते की कीमत पता चलती है। बारिश के समय दोस्तों और परिजनों के छाते का भी बहुत उपयोग किया जाता है।

कुछ और महत्वपूर्ण लेख –

0Shares

Leave a Comment