हाथी को संस्कृत में क्या कहते हैं?


हम आपको बहुत से जानवरों के संस्कृत के नाम बता रहे है, इस लेख में हम हाथी को संस्कृत में क्या कहते हैं? यह बताएँगे। हमारी साईट पर आपको और भी संस्कृत नाम मिल जाएगे।

हाथी धरती पर मोजूद सबसे बड़ा स्तनपायी जानवर है, हाथी की कई प्रजातिया विलुप्त हो चुकी है। हाथी की उम्र लगभग 70 साल है। कुछ हाथी हल्के स्लेटी रंग के होते हैं। हाथी एक ऐसा जानवर जिसकी एक लम्बी सी सूंडसुन्दरता है जो इसकी नाक होती है यह सूंड का प्रयोग एक हाथ ही तरह करता है जिसके मदद से खाना खाते है पेड़ उखाड़ सकते है पेड़ को हिला कर फल आदि गीरा लेते है और पानी पिने के लिए भी सूंड का प्रयोग करते है, इनकी सूंड 15 लिटर तक पानी खीच सकती है। यह सूंड का प्रयोग हमला करने में भी करते है।

हाथी को संस्कृत में क्या कहते हैं?

हाथी को संस्कृत में गज:, हस्ति, करि कहते हैं। हाथी को बुद्धि का प्रतीक माना जाता है तथा हिन्दू धर्म में इनकी पूजा भी की जाती है जिसके पीछे पोराणिक कारण है।

कुछ और महत्वपूर्ण लेख –

0Shares

Leave a Comment